पितृ - तृप्ति हेतु
जब भी आप किसी त्यौहार, तिथि पर किसी जलाशय(नदी, कुआ, तालाब, बावड़ी) में स्नान हेतु जाए. स्नान कर. वहां का जल अपनी अंजुरी(हाथ में ) लेकर पितरों का स्मरण करते हुए वहीँ पानी में अर्ध्य(चढ़ावें) देवें. वह जल...
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